होम लोन लेने के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स

Documents Required for Home Loan (Pic: moneycontrol)
सामान्य तौर पर पहली बार घर लेने वाले लोगों में से 90 पर्सेंट से अधिक लोग होम लोन के आधार पर ही घर खरीदते हैं. प्रॉपर्टी के लिए 100 में से 1 व्यक्ति के पास ही कैश की व्यवस्था होने की गुंजाइश होती है. वह भी एक व्यक्ति अपने माता-पिता या सम्बन्धियों से ही व्यवस्था करने की कोशिश करता है, जबकि बाकी लोगों को होम लोन पर डिपेंडेंट रहना पड़ता है.

ऐसे में बेहद आवश्यक है कि होम लोन की विभिन्न बारीकियों को समझा और परखा जाए!

रमेश को घर लेना था और उसने बेचने वाली पार्टी को दस परसेंट का बयाना (टोटल अमाउंट का 10 %) भी कर दिया जो कि कई लाख में था. बयाना करने के बाद उसे होम-लोन के लिए अप्लाई करना था और जब एक-एक करके होम लोन के लिए उससे डॉक्यूमेंट मांगा जाने लगा तो वह परेशान सा हो गया!

आपके साथ या आपके कलिग के साथ भी ऐसा हो सकता है...

ऐसे में लोन लेने वाले प्रत्येक भारतीय को यह समझना बेहद आवश्यक है कि उन्हें किस प्रकार के और कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए होते हैं:

3 साल की आइटीआर रिटर्न
आम तौर पर देखा जाता है कि नौकरी शुदा लोगों को होम लोन मिलने में अपेक्षाकृत आसानी होती है क्योंकि उनकी इनकम फिक्स होती है जबकि स्टार्टअप या व्यापार करने वाले लोगों को होम लोन देने में इनकम टैक्स रिटर्न की भूमिका कहीं ज्यादा बड़ी हो जाती है. इसलिए अगर आप व्यापार करते हैं तो अपनी आईटीआर बुक को मेन्टेन रखें.

1 साल की बैंक स्टेटमेंट और सेलरी स्लीप्स
जॉब करने वालों के लिए सेलरी स्लीप की अहमियत काफी होती हैं. ऐसे में आपकी 1 साल की बैंक स्टेटमेंट, जिसमें आपकी कंपनी द्वारा सेलरी आती हो वह मेन्टेन होनी चाहिए और सेलरी स्लीप के साथ वह मैच भी होनी चाहिए. अगर आपका टीडीएस कटता है तो फॉर्म 16 अथवा 26 A में उसका विवरण होना अनिवार्य है. अपनी कंपनी से इस बात की जानकारी लेते रहें, अन्यथा ऐन मौके पर आप परेशान हो सकते हैं.

प्रॉपर्टी मैप
प्रत्येक बैंक लोन लेने वाली प्रॉपर्टी (फ्लैट या घर) का मैप मांगता ही है. यह किसी आर्किटेक्ट द्वारा एप्रूव्ड होता है. यह डॉक्यूमेंट आपको पहले से तैयार कर लेना चाहिए.

पर्सनल डाक्यूमेंट्स
आधार कार्ड, एड्रेस प्रूफ इत्यादि तो बेहद प्राथमिक डाक्यूमेंट्स हैं और यह लगभग सबके पास मौजूद होते ही हैं. हाँ, इनमें आपकी लेटेस्ट एड्रेस होनी चाहिए और अगर नाम इत्यादि में कहीं गलती है तो उसे लोन अप्लाई करने से पहले आप ठीक कराएं.

कैश में लेन देन से बचें
अधिकांश बैंक जितने अमाउंट का लोन करते हैं, उससे ज्यादा की स्टाम्प ड्यूटी पर आपकी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होती है.
अधिकतम 80% लोन होता है प्रॉपर्टी का, हालाँकि कुछ एनबीएफसी कंपनियां 100% लोन देने का वादा भी करती है. बहरहाल, बाकी 20% आपको वाइट में दिखलाना होता है. चाहे चेक या ऑनलाइन ट्रांसफर के द्वारा. आप इसे कैश ट्रांसफर में नहीं दिखला सकते.

प्रीवियस लोन एनओसी
नया होम लोन लेने से पहले अगर आपके पास पहले से कोई छोटा लोन भी चल रहा हो या चल रहा था, जैसे पर्सनल लोन, कार लोन तो लोन ख़त्म होने की अवस्था में आपके पास सम्बंधित बैंक या पार्टी से लोन ख़त्म होने की एनओसी होनी चाहिए. अगर कोई पिछले लोन अभी कंटिन्यू है तो सम्बंधित स्टेटमेंट और अगला लोन चुका सकने की क्षमता प्रदर्शित होनी चाहिए. ऐसे में एनओसी का जुगाड़ पहले ही कर लें.

जाहिर तौर पर अगर आप लोन लेने से पहले होमवर्क करते हैं तो आपको ही सहूलियत पेश आएगी और ऐन वक्त पर आपको कम भागदौड़ करनी पड़ेगी. अगली प्रस्तुति में आपको अन्य किसी विषय पर प्रामाणिक और व्यावहारिक जानकारी देने का हम प्रयत्न करेंगे, तब तक कमेंट-बॉक्स में अपनी राय अवश्य बताएं या हमें p@zmu.in पर मेल करें.

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